ब्लाइंडफोल्ड शतरंज

शतरंज का वह रूप जिसमें खिलाड़ी बोर्ड नहीं देखता और पूरी स्थिति को मन में बनाए रखता है।

व्याख्या

ब्लाइंडफोल्ड शतरंज में एक या दोनों खिलाड़ी बोर्ड की स्थिति देखे बिना बाज़ी खेलते हैं। मोहरे सामान्य बाज़ी के समान नियमों से चलते हैं। ब्लाइंडफोल्ड खेलने वाले हर खिलाड़ी को यह याद रखना होता है कि प्रत्येक मोहरा कहाँ है और हर चाल के बाद उस मानसिक चित्र को अद्यतन करना होता है।

चालें सामान्यतः का उपयोग करके बोलकर बताई जाती हैं। यह प्रणाली मोहरों और खानों को अक्षरों तथा अंकों से पहचानती है। खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी की चाल सुनता है, स्मृति में स्थिति अद्यतन करता है, जवाब की गणना करता है और उसे बोलकर बताता है। किसी प्रदर्शनी में दूसरा व्यक्ति या इंटरफ़ेस वास्तविक बोर्ड पर चालें चला सकता है।

ब्लाइंडफोल्ड शतरंज एक अकेली बाज़ी हो सकती है या का हिस्सा, जिसमें एक खिलाड़ी एक साथ कई अलग स्थितियाँ मन में रखता है। सामान्य शतरंज के मूल नियम नहीं बदलते। बदलती है वह दृश्य जानकारी जो बिना बोर्ड देखे खेलने वाले खिलाड़ी को उपलब्ध होती है।

सामान्य भ्रम

दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए अनुकूलित शतरंज

यह पहुँच-सुविधा का प्रारूप है और स्पर्शनीय बोर्ड, बोलकर बताई गई चालों तथा अन्य अनुकूलनों का उपयोग कर सकता है। यहाँ ब्लाइंडफोल्ड शतरंज स्मृति-आधारित प्रारूप है जिसमें खिलाड़ी जानबूझकर स्थिति देखे बिना खेलता है।

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