व्याख्या
चतुराजी आठ गुणा आठ की बिसात पर चार खिलाड़ियों के लिए खेला जाने वाला एक ऐतिहासिक भारतीय खेल है। प्रत्येक खिलाड़ी बिसात की एक ओर रखा छोटा सैन्य दल नियंत्रित करता है, जिसमें राजा, प्यादे और हाथियों, घोड़ों तथा नावों से जुड़ी गोटियाँ होती हैं।
उपलब्ध प्रमाण क्या बताते हैं
- स्रोत चार प्रतिस्पर्धी पक्षों और पकड़ी गई गोटियों पर आधारित अंक-प्रणाली का वर्णन करते हैं।
- कई पुनर्निर्मित रूपों में पासे से तय होता है कि किसी चाल में किस प्रकार की गोटी चल सकती है।
- बचे हुए विवरण एक पूर्ण और सार्वभौमिक रूप से मानकीकृत नियम-पुस्तिका नहीं बनाते।
इस अनिश्चितता के कारण किसी आधुनिक संस्करण को अपने आप मूल खेल नहीं माना जाना चाहिए। रूपांतरण पासा हटा सकते हैं, गोटियों की चाल बदल सकते हैं या बाहर होने और जीत की अपनी शर्तें जोड़ सकते हैं।
चतुराजी को चतुरंग से भी अलग समझना चाहिए। चतुरंग मुख्यतः दो पक्षों का खेल था और शतरंज का अधिक प्रत्यक्ष पूर्वज माना जाता है। यह पुराना दावा कि चतुराजी अनिवार्य रूप से पहले का रूप था, इतिहासकारों में सामान्यतः स्वीकार नहीं किया जाता।
सामान्य भ्रम
चतुराजी और चतुरंग
चतुराजी में चार पक्ष होते हैं और इसे अक्सर पासे तथा अंक-प्रणाली से जोड़ा जाता है। चतुरंग मुख्यतः दो पक्षों का खेल है।
स्रोत
- 1.Chaturaji - Chess Terms, Chess.com
- 2.Chaturaji, Digital Ludeme Project
