व्याख्या
एक्सेल्सियर थीम किसी प्यादे की उसकी शुरुआती पंक्ति से बोर्ड के अंतिम छोर तक की पूरी यात्रा दिखाती है। सफेद प्यादा दूसरी पंक्ति से और काला प्यादा सातवीं पंक्ति से शुरू होना चाहिए। समाधान के दौरान वह आगे बढ़ता है और रास्ते की जरूरत होने पर मोहरे मार भी सकता है, जब तक कि वह अंतिम पंक्ति पर पहुँचकर प्रमोट न हो जाए।
प्रमोशन में प्यादे को उसी रंग के वज़ीर, हाथी, ऊँट या घोड़े से बदल दिया जाता है। रचना तय करती है कि कौन-सा मोहरा चाहिए; एक्सेल्सियर में वज़ीर ही बनना आवश्यक नहीं है। केवल अंतिम चाल नहीं, बल्कि प्यादे की पूरी यात्रा विचार का स्पष्ट हिस्सा होनी चाहिए।
हर प्रमोशन एक्सेल्सियर नहीं होता। यदि चित्र में प्यादा पहले से आगे बढ़ा हुआ है, तो बाद का प्रमोशन उसकी मूल पंक्ति से पूरी यात्रा नहीं दिखाता। यह थीम स्टडी, यानी ऐसी रचनाओं में आ सकती है जिनमें सफेद को जीत या ड्रॉ सिद्ध करना होता है, और अन्य प्रकार की समस्याओं में भी, क्योंकि यह किसी एक लक्ष्य के बजाय यात्रा का वर्णन करती है।
सामान्य भ्रम
एक्सेल्सियर और प्रमोशन
हर एक्सेल्सियर प्रमोशन पर समाप्त होता है, लेकिन अकेला प्रमोशन पर्याप्त नहीं है। चित्र में प्यादे को अपनी मूल पंक्ति से शुरू होना चाहिए।
स्रोत
- 1.excelsior, Problemista
- 2.Glossary of Chess Problem Terms, OzProblems
