व्याख्या
कास्पारोव-Deep Blue 1997 छह बाजियों का रीमैच था, जो मई 1997 में न्यूयॉर्क में खेला गया। गैरी कास्पारोव मौजूदा विश्व चैंपियन थे और Deep Blue, IBM का ऐसा कंप्यूटर था जिसे विशेष रूप से शतरंज खेलने के लिए बनाया गया था। मैच में मानक टूर्नामेंट समय नियंत्रण उपयोग हुआ, अर्थात धीमी बाजियाँ जिनमें प्रत्येक पक्ष को अपनी चालें चलने के लिए मिनटों के बजाय कई घंटे मिलते थे।
कास्पारोव ने बाजी 1 और Deep Blue ने बाजी 2 जीती। अगली तीन बाजियाँ ड्रॉ रहीं, इसलिए मुकाबला छठी और अंतिम बाजी में तय हुआ। Deep Blue ने वह बाजी जीतकर मैच 3.5-2.5 से अपने नाम किया। 1996 से अंतर महत्वपूर्ण है: पहले मुकाबले में Deep Blue ने एक बाजी जीती थी, लेकिन कास्पारोव ने वापसी करके पूरा मैच 4-2 से जीत लिया था।
Deep Blue उन परिस्थितियों में किसी मौजूदा विश्व चैंपियन को मैच में हराने वाला पहला कंप्यूटर सिस्टम बना। उसके 32 प्रोसेसर प्रति सेकंड लगभग 200 मिलियन स्थितियों की जाँच कर सकते थे और उन्हें स्थिति-मूल्यांकन फ़ंक्शन, डेटाबेस तथा ग्रैंडमास्टरों से मिले ज्ञान का समर्थन था। वह आधुनिक जैसे उद्देश्य वाला विशेषीकृत सिस्टम था, अर्थात स्थितियों की गणना और मूल्यांकन करने वाला सॉफ्टवेयर, न कि ऐसा सामान्य बुद्धिमान तंत्र जो मनुष्य की तरह शतरंज समझता हो।
इस परिणाम का महत्व प्रतियोगिता से आगे था। उसने कंप्यूटिंग की एक उपलब्धि को विश्वव्यापी सार्वजनिक घटना बना दिया और मानव निर्णय तथा मशीन गणना के संतुलन पर खिलाड़ियों, पत्रकारों और शोधकर्ताओं की चर्चा बदल दी।
सामान्य भ्रम
1996 बनाम 1997
1996 में Deep Blue किसी मौजूदा विश्व चैंपियन के विरुद्ध बाजी जीतने वाला पहला कंप्यूटर बना, लेकिन कास्पारोव ने मैच जीता। 1997 में Deep Blue ने पूरा मैच जीता।
स्रोत
- 1.Deep Blue, IBM
- 2.Defeating the World Chess Champion, Computer History Museum
