मंसूबा

इसे यह भी कहा जाता है: मन्सूबा, मन्सूबात

एक ऐतिहासिक रचित स्थिति जिसमें पुराने नियमों के अंतर्गत जीत, ड्रॉ या किसी अन्य परिणाम को सिद्ध करना होता है।

व्याख्या

मंसूबा शतरंज परंपरा की ऐसी स्थिति है जिसे शिक्षा या समाधान की चुनौती के रूप में तैयार किया जाता था। सामान्य प्रारंभिक स्थिति से खेल शुरू करने के बजाय इसमें एक विशेष स्थिति और कार्य दिया जाता है, जैसे जीत ढूँढना, मात के लिए मजबूर करना या ड्रॉ सुरक्षित करना।

स्थिति सामान्यतः रची हुई होती थी, हालाँकि वह वास्तविक बाज़ी के किसी संभावित क्षण जैसी दिख सकती थी। कुछ मन्सूबात, जो मंसूबा का बहुवचन है, यादगार कथाओं के साथ प्रसारित हुए, लेकिन कथा इस विधा को परिभाषित नहीं करती। आवश्यक तत्व स्थिति और वह परिणाम हैं जिसे सिद्ध करना है।

इसे संबंधित ऐतिहासिक नियमों से ही हल करना चाहिए। वज़ीर जैसी दिखने वाली गोटी फ़र्ज़ हो सकती है, जो तिरछे एक खाना चलती है, जबकि आधुनिक ऊँट जैसी गोटी ठीक दो खाने छलाँग लगा सकती है। आधुनिक चालें लागू करने से समस्या बदल जाती है।

मंसूबा आधुनिक शतरंज समस्याओं और स्टडीज़ का पूर्वज है, अर्थात निश्चित कार्य के लिए रची गई स्थितियों का। फिर भी यह समाधान की लंबाई, गोटियों की मितव्ययिता या वैरिएशनों की प्रस्तुति से जुड़ी वर्तमान परंपराओं का अनिवार्य रूप से पालन नहीं करता।

स्रोत

  1. 1.Ancient chess problems to solve, ChessBase
  2. 2.The Oxford Companion to Chess, Oxford University Press

संबंधित शब्द

© 2026 MindZug