व्याख्या
ऊँट अंतखेल वह स्थिति है जिसमें राजाओं और प्यादों के अलावा ऊँट मुख्य बचे हुए मोहरे होते हैं। हर ऊँट हमेशा एक ही रंग के खानों पर चलता है। इसलिए पहला काम यह पहचानना है कि क्या दोनों ऊँट एक ही रंग के खानों पर चलते हैं या विपरीत रंगों पर।
एक ही रंग के ऊँट
जब दोनों ऊँट एक ही रंग के खानों पर चलते हैं, तो वे एक ही विकर्णों के लिए लड़ सकते हैं, एक ही प्यादों पर हमला कर सकते हैं और एक-दूसरे से बदले जा सकते हैं। राजा की सक्रियता, पास्ड प्यादा बनाना, यानी ऐसा प्यादा जिसके आगे उसकी अपनी या पड़ोसी स्तंभों में कोई विरोधी प्यादा न हो, और प्यादों को ऐसे खानों पर रखना जहाँ वे अपने ही ऊँट को न रोकें, अक्सर परिणाम तय करते हैं।
विपरीत रंग के ऊँट
जब एक ऊँट केवल हल्के खानों पर और दूसरा केवल गहरे खानों पर चलता है, तो वे सीधे एक-दूसरे से नहीं भिड़ सकते। रक्षक अपने ऊँट से उन खानों पर प्यादों को रोक सकता है जिन पर विरोधी ऊँट कभी हमला नहीं कर सकता। इसलिए ऐसे अंतखेलों में एक पक्ष एक प्यादा पीछे होने पर भी ड्रॉ की प्रवृत्ति मजबूत रहती है, लेकिन वे अपने आप ड्रॉ नहीं होते। दूर-दूर के पास्ड प्यादे या कई कमजोरियाँ अवरोध तोड़ सकती हैं।
एक बुनियादी अपवाद खास महत्व रखता है। हाथी-प्यादा किनारे के स्तंभ का प्यादा है। यदि वही एकमात्र पदोन्नति की आशा हो, आपका ऊँट उसके पदोन्नति-खाने को नियंत्रित न कर सके और रक्षक राजा उस कोने तक पहुँच जाए, तो राजा, ऊँट और प्यादा अकेले राजा के खिलाफ जीत मजबूर नहीं कर पाते। यही गलत-रंग वाले ऊँट और हाथी-प्यादे का अंतखेल है।
सामान्य भ्रम
ऊँट अंतखेल और छोटे मोहरों का अंतखेल
ऊँट अंतखेल विशेष रूप से उन स्थितियों के लिए है जहाँ ऊँट मुख्य मोहरे हैं। व्यापक श्रेणी है जिसमें ऊँट, घोड़े या उनका मुकाबला शामिल हो सकता है।
शब्द देखेंस्रोत
- 1.Minor piece endgames, Chess Strategy Online
- 2.Bishops of Opposite Colors, Chess Programming Wiki
