व्याख्या
हारने की अपर्याप्त संभावना, संक्षेप में ILC, US Chess की नियमावली की एक विशिष्ट अवधारणा है। यह सडन-डेथ समय नियंत्रणों से संबंधित है, यानी ऐसी व्यवस्था जिसमें बाकी सभी चालें अंतिम निर्धारित समय-खंड के भीतर पूरी करनी होती हैं।
वर्तमान मुख्य नियम ILC दावा करने का अधिकार नहीं देता। पुरानी प्रक्रिया Variation 14H के रूप में मौजूद है, जिसे निदेशक नियम-विकल्प के रूप में अपना सकता है। इसलिए खिलाड़ी को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि यह उपलब्ध है; उसे पता होना चाहिए कि आयोजन में कौन से नियम लागू हैं।
जब इस विकल्प का उपयोग किया जाता है, दावा ऐसी बाज़ी के लिए है जिसमें ठीक से काम करने वाली डिले या इन्क्रीमेंट घड़ी न हो। डिले हर चाल पर मुख्य समय घटने से पहले कुछ सेकंड का अंतर देता है; इन्क्रीमेंट हर चाल पर निश्चित अतिरिक्त समय देता है। दावा करने वाले खिलाड़ी की चाल होनी चाहिए, उसके पास दो मिनट या कम समय बचा होना चाहिए, और फ्लैग गिरने से पहले घड़ी रोकनी चाहिए। निदेशक यह तय करता है कि यदि दोनों पक्षों के पास पर्याप्त समय होता, तो दावेदार के लिए उस स्थिति में हारने की व्यावहारिक संभावना बहुत कम होती या नहीं। यह निर्णय खिलाड़ियों की वास्तविक रेटिंग पर निर्भर नहीं करता और इसका अर्थ यह नहीं कि नियमों के अनुसार मात होना असंभव है।
निदेशक दावा स्वीकार कर सकता है, अस्वीकार कर सकता है, या बाज़ी जारी रखने की निर्धारित प्रक्रियाओं में से कोई अपना सकता है, जैसे डिले वाली घड़ी लगाना। यही ILC को FIDE के से अलग करता है: उसमें समय समाप्त होने के बाद वस्तुनिष्ठ कसौटी लागू होती है, जबकि ILC वैकल्पिक US Chess नियम के तहत फ्लैग गिरने से पहले दिया जाने वाला व्यावहारिक निर्णय है।
प्रयोग और संदर्भ
डिले या इन्क्रीमेंट वाली डिजिटल घड़ियों के दौर में ILC एक असामान्य टूर्नामेंट नियम है।
सामान्य भ्रम
अपर्याप्त सामग्री
ILC यह नहीं कहता कि मात असंभव है। यह US Chess के एक नियम-विकल्प के तहत हारने की व्यावहारिक संभावना का आकलन करता है।
FIDE नियम
कम समय वाले एंडगेम में FIDE और US Chess अलग कसौटियाँ और प्रक्रियाएँ इस्तेमाल करते हैं।
स्रोत
- 1.US Chess Federation's Official Rules of Chess, 7th Edition, Revised January 1, 2026, US Chess Federation
