व्याख्या
विश्वनाथन आनंद , जिनका जन्म 1969 में हुआ, एक भारतीय शतरंज खिलाड़ी हैं जो अपनी गणना की गति और स्पष्टता के लिए प्रसिद्ध हैं। 1988 में वे ग्रैंडमास्टर खिताब पाने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बने। ग्रैंडमास्टर अंतरराष्ट्रीय स्तर के परिणामों के आधार पर FIDE, अर्थात अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ, द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च स्थायी खिताब है।
उनके विश्व खिताब
आनंद ने उस दौर में 2000 की FIDE विश्व चैंपियनशिप जीती जब प्रतिद्वंद्वी विश्व खिताब मौजूद थे। चैंपियनशिप के पुनः एकीकृत होने के बाद उन्होंने 2007 का विश्व टूर्नामेंट जीता और निर्विवाद चैंपियन बने। उन्होंने 2008 में व्लादिमीर क्रामनिक, 2010 में वेसलिन टोपालोव और 2012 में बोरिस गेलफ़ांड के विरुद्ध मुकाबलों में खिताब बचाया, फिर 2013 में मैग्नस कार्लसन से हार गए।
उनका करियर रैपिड शतरंज में भी असाधारण रहा, जिसमें क्लासिकल बाज़ी की तुलना में सोचने का समय बहुत कम होता है। उनका प्रभाव व्यक्तिगत परिणामों से आगे जाता है। उनकी सफलता ने भारत में शतरंज को अधिक दृश्यता दी और भारतीय अभिजात खिलाड़ियों की एक बड़ी पीढ़ी के उदय का मार्ग प्रशस्त किया।
प्रयोग और संदर्भ
आनंद कई पीढ़ियों तक दुनिया के सबसे मजबूत खिलाड़ियों में रहे और क्लासिकल तथा तेज, दोनों समय-नियंत्रणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
स्रोत
- 1.Viswanathan Anand, FIDE Open Chess Museum
- 2.Anand, Viswanathan, FIDE
- 3.WCC R03: Anand wins with black, ChessBase
- 4.World Chess Champion biographies, World Chess Hall of Fame
