व्याख्या
De Groot का चार-चरण मॉडल मनोवैज्ञानिक और शतरंज मास्टर Adriaan de Groot द्वारा सोचते हुए बोलने के प्रयोगों में देखे गए विचार-पैटर्न का सार है। उन अध्ययनों में खिलाड़ी किसी स्थिति को देखते और चाल खोजते समय अपने विचार बोलते थे। मॉडल का उद्देश्य जटिल निर्णय के संगठन का वर्णन करना है, कोई कठोर नुस्खा थोपना नहीं।
चार चरण
- अभिमुखीकरण: स्थिति की मुख्य विशेषताएं समझना और समस्याओं, अवसरों व लक्ष्यों की प्रारंभिक छाप बनाना।
- अन्वेषण: उम्मीदवार चालें, यानी विश्लेषण योग्य विकल्प, बनाना और कुछ संभावित क्रमों को देखना।
- जांच: सबसे आशाजनक विकल्प का अधिक गहराई से अध्ययन करना और प्रासंगिक विकल्पों से तुलना करना।
- प्रमाण: अंतिम चुनाव की समीक्षा करना, वैरिएंट जांचना और चाल चलने से पहले त्रुटि खोजना।
चरण दोहराए जा सकते हैं, एक-दूसरे पर चढ़ सकते हैं या बहुत संक्षिप्त हो सकते हैं। अप्रत्याशित बचाव मिलने पर खिलाड़ी जांच से वापस अन्वेषण में जा सकता है। संचित ज्ञान और शुरुआत से प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं, क्योंकि वे परिचित संरचनाओं को जल्दी उभारते और संभावित विकल्पों की संख्या घटाते हैं।
विशेषज्ञता पर बाद के शोध ने इस विचार को सीमित किया कि शक्ति केवल बहुत अधिक चालें खोजने से आती है। मजबूत खिलाड़ी अक्सर खोज को बेहतर दिशा देते और प्रासंगिक संभावनाएं पहले पहचानते हैं। मॉडल प्रारंभिक छाप को पर जरूरी जांच से अलग करने में उपयोगी रहता है, जहां गलती की गुंजाइश कम होती है। यह यह समझने में भी मदद करता है कि अन्वेषण को बहुत जल्दी कैसे संकरा कर सकता है।
प्रयोग और संदर्भ
De Groot ने अलग-अलग स्तर के खिलाड़ियों के अध्ययन से यह कार्य विकसित किया और इसे Thought and Choice in Chess में विस्तार से प्रस्तुत किया।
सामान्य भ्रम
अनिवार्य चरण-सूची
मॉडल देखी गई नियमितताओं का वर्णन करता है। वास्तविक सोच स्थिति और उपलब्ध समय के अनुसार चरण छोड़, दोहरा या मिला सकती है।
स्रोत
- 1.Expertise in Complex Decision Making: The Role of Search in Chess 70 Years After de Groot, Cognitive Science / Wiley
- 2.ADRIAAN DE GROOT: MARRIAGE OF TWO PASSIONS, ICGA Journal / SAGE
