मारोची बाइंड

इसे यह भी कहा जाता है: मारोची बाइंड, मारोची बंधन

दो प्यादों, सामान्यतः सफेद के c4 और e4, की ऐसी संरचना जो विरोधी के केंद्रीय और पार्श्व प्यादा-अग्रसरण सीमित करे।

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व्याख्या

मारोची बाइंड प्यादों की संरचना है जो प्रायः सिसिलियन डिफेंस में आती है, पर अन्य चाल-क्रमों से भी बन सकती है। इसके सामान्य रूप में सफेद के प्यादे c4 और e4 पर होते हैं, जब काले का c-प्यादा सफेद d-प्यादे से बदला जा चुका हो। c4 में अक्षर स्तंभ और अंक पंक्ति बताता है।

दोनों प्यादे d5 को और c4-प्यादा b5 को नियंत्रित करते हैं। इससे काले के मुक्त करने वाले b5 और d5 अग्रसरण कठिन होते हैं और सफेद को अधिक जगह व मोहरों की स्वतंत्रता मिलती है।

प्यादा-प्रहारों से मारोची बाइंड

8
7
6
5
4
3
2
a1
b
c
d
e
f
g
h
और मिलकर को नियंत्रित करते हैं, और को भी नियंत्रित करता है। ये दोनों सबसे संवेदनशील प्यादा-प्रहार वाले खाने हैं।
और , और को सीमित करते हैं

दोनों सफेद प्यादे पर मिलकर नियंत्रण रखते हैं और का प्यादा को भी नियंत्रित करता है। और के काले प्यादे दिखाते हैं कि मुक्ति कहाँ खोजी जा सकती है। यह किसी पक्ष की स्वतः जीत नहीं दर्शाता।

लाभ और रियायतें

  • काले का केंद्र सीमित रहता है और सक्रिय खाने देर से मिलते हैं।
  • सफेद तुरंत खतरे कम होने पर मोहरे धीरे सुधार सकता है।
  • c4 और e4 के प्यादे स्थिर लक्ष्य बन सकते हैं।
  • अच्छी तैयारी से b5 या d5 संरचना खोलकर काले के मोहरे मुक्त कर सकते हैं।

बाइंड अपने आप नहीं जीतता और निश्चित ओपनिंग क्रम नहीं है। यह , अर्थात दीर्घकालिक लक्ष्यों, और , अर्थात उन्हें पाने की ठोस चालों, की दिशा देने वाली संरचना है। काला अक्सर की सघन व्यवस्था अपनाता है, जिसमें a6, b6, d6 और e6 पर सामान्य प्यादे होते हैं और कम जगह के बदले दबाव व भविष्य के ब्रेक मिलते हैं।

सामान्य भ्रम

मारोची बाइंड और हेजहॉग

बाइंड अधिक जगह वाले पक्ष के आगे बढ़े प्यादों को बताता है; हेजहॉग विरोधी की सघन रचना है।

शब्द देखें

स्रोत

  1. 1.Maroczy Bind - Chess Terms, Chess.com
  2. 2.Maróczy Bind, Wikipedia

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