व्याख्या
दूरस्थ विपक्ष तब होता है जब राजा एक ही रैंक या फाइल पर हों, लेकिन अभी पास से आमने-सामने न आए हों। उनके बीच एक से अधिक और विषम संख्या में खाली खाने होते हैं, जो प्रायः तीन या पाँच होते हैं।
खुली रेखा पर, अगर कोई प्रतीक्षा-चाल चाल-क्रम न बदले, तो जिस खिलाड़ी की चाल नहीं होती वही विपक्ष बनाए रखता है। अगर विरोधी राजा पास आता है, तो दूसरा राजा भी उतना ही पास आकर यह विषम दूरी बनाए रख सकता है। इस तरह संबंध अक्सर में बदल जाता है, ठीक तब जब किसी एक राजा को अवरोध पार करना हो।
यह उपयोगी क्यों है
यह दूरी खिलाड़ी को निर्णायक भिड़ंत की ओर जाने वाला रास्ता पहले से चुनने देती है। राजा अभी पास आए बिना भी किसी क्षेत्र में प्रवेश रोक सकता है या की ओर बढ़ने की तैयारी कर सकता है। अगर लक्ष्य पर नियंत्रण बना रहे, तो रास्ता में भी बदला जा सकता है।
सिर्फ खाने गिनना काफी नहीं है। प्यादे, बोर्ड के किनारे और बंद रास्ते समान जवाब को असंभव बना सकते हैं। कोई उपलब्ध प्यादा-चाल राजाओं के नजदीक आने पर चाल-क्रम बदल सकती है। इसलिए दूरस्थ विपक्ष जीत का स्वचालित नियम नहीं, बल्कि रास्तों और चाल-क्रम की गणना का साधन है।
सामान्य भ्रम
सिर्फ दूर खड़े राजा
केवल दूरी से विपक्ष नहीं बनता। राजाओं का एक सीध में होना, खाली खानों की विषम संख्या होना और उस संबंध का किसी महत्वपूर्ण रास्ते को नियंत्रित करना ज़रूरी है।
दूरस्थ विपक्ष और सामान्य विपक्ष
व्यापक सिद्धांत है। दूरस्थ विपक्ष उसका प्रारंभिक रूप है, जो अक्सर पास आने पर सीधे विपक्ष में बदलता है।
शब्द देखेंस्रोत
- 1.Opposition - Chess Terms, Chess.com
- 2.Opposition, Chess Programming Wiki
- 3.Opposition, Lichess
