मॉस्को 1925

इसे यह भी कहा जाता है: मॉस्को अंतरराष्ट्रीय शतरंज टूर्नामेंट 1925, पहला मॉस्को अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट

सोवियत संघ में आयोजित पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट, जिसे एफिम बोगोल्युबोव ने जीता।

व्याख्या

मॉस्को 1925, 10 नवंबर से 8 दिसंबर तक चला और सोवियत संघ में आयोजित पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था। 21 खिलाड़ियों के क्षेत्र में 11 विदेशी और 10 सोवियत प्रतियोगी थे। उन्होंने सिंगल राउंड रॉबिन खेला, अर्थात हर खिलाड़ी ने प्रत्येक अन्य खिलाड़ी से एक बार मुकाबला किया, जिससे कुल 210 बाजियाँ हुईं।

एफिम बोगोल्युबोव ने 20 बाजियों में 15.5 अंक बनाकर जीत हासिल की और इमानुएल लास्कर तथा होसे राउल कापाब्लांका से आगे रहे। जीत का एक और ड्रॉ का आधा अंक होता है, इसलिए कुल अंक खिलाड़ी की सभी जीत, ड्रॉ और हार का संयुक्त परिणाम बताते हैं। नतीजे ने विशेष ध्यान खींचा, क्योंकि लास्कर और कापाब्लांका उस युग के सबसे प्रसिद्ध खिलाड़ियों में थे।

टूर्नामेंट राज्य समर्थित सांस्कृतिक आयोजन भी था। यह शतरंज को केवल छोटे विशेषज्ञ वर्ग तक सीमित गतिविधि के बजाय जनसाधारण का खेल बनाने के प्रयास का हिस्सा था। उसका वातावरण मूक कॉमेडी Chess Fever के माध्यम से लोकप्रिय सिनेमा तक पहुँचा, जिसमें कापाब्लांका दिखाई दिए।

स्थान और बड़ी सोवियत भागीदारी के बावजूद यह राष्ट्रीय चैंपियनशिप नहीं थी। इसकी पहचान आमंत्रित अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र पर निर्भर थी। इसे दशक के एक अन्य महान टूर्नामेंट से तुलना की जा सकती है, लेकिन मॉस्को का राजनीतिक और सांस्कृतिक संदर्भ अलग था।

सामान्य भ्रम

USSR चैंपियनशिप

मॉस्को 1925 सोवियत और विदेशी खिलाड़ियों वाला अंतरराष्ट्रीय आयोजन था। यह सोवियत राष्ट्रीय चैंपियनशिप का संस्करण नहीं था।

स्रोत

  1. 1.Moscow 1925: The Rise of Soviet Chess, ChessBase
  2. 2.Moscow, 1925, Chess Notes (Edward Winter)

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