व्याख्या
माइया चिबुर्दानिद्ज़े, जिनका जन्म 1961 में जॉर्जिया में हुआ, 1978 में नोना गैप्रिंदाशविली को हराकर महिला विश्व चैंपियन बनीं। वे 17 वर्ष की थीं और उस समय तक की सबसे कम आयु की चैंपियन थीं। उन्होंने तेरह वर्ष तक खिताब रखा और 1991 में शिए जुन से हार गईं।
1984 में उन्हें FIDE का ग्रैंडमास्टर खिताब मिला। यह किसी भी खिलाड़ी के लिए उपलब्ध सामान्य खिताब है और इसे अलग महिला ग्रैंडमास्टर खिताब से नहीं मिलाना चाहिए। यह अंतर दर्शाता है कि उनके परिणामों ने खुली प्रतियोगिता में आवश्यक मानक भी पूरा किया था।
उनके लंबे शासन ने महिला चैंपियनशिप में मजबूत जॉर्जियाई और सोवियत परंपरा को आगे बढ़ाया, लेकिन उनका करियर उसी सर्किट तक सीमित नहीं था। उन्होंने खुली प्रतियोगिताओं में सफलतापूर्वक खेला और किसी भी लिंग के प्रतिद्वंद्वियों के विरुद्ध अपनी पीढ़ी के सबसे मजबूत खिलाड़ियों में रहीं।
सामान्य भ्रम
ग्रैंडमास्टर और महिला ग्रैंडमास्टर
ये अलग खिताब हैं। चिबुर्दानिद्ज़े महिला विश्व चैंपियन बनने के साथ सामान्य ग्रैंडमास्टर खिताब भी प्राप्त कर चुकी थीं।
स्रोत
- 1.Maia Chiburdanidze, Encyclopaedia Britannica
- 2.Chiburdanidze, Maia, FIDE
