व्याख्या
अकिबा रुबिनस्टीन 1907 से 1920 के दशक की शुरुआत तक दुनिया के सबसे मजबूत खिलाड़ियों में रहे। उनका सबसे उत्कृष्ट वर्ष 1912 था, जब उन्होंने चार बड़े टूर्नामेंट जीते: सैन सेबास्तियान, विल्नियस, ब्रेसलाउ और पिएश्त्यानी। थोड़े समय के लिए संभव है कि वे सक्रिय खिलाड़ियों में सबसे मजबूत रहे हों।
इमानुएल लास्कर के विरुद्ध का मैच होने की संभावना दिख रही थी, लेकिन वह कभी नहीं खेला गया और प्रथम विश्व युद्ध ने प्रतिस्पर्धी परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया। इसलिए रुबिनस्टीन को अक्सर उन महान खिलाड़ियों में गिना जाता है जो खिताब के करीब पहुँचे, लेकिन उसे धारण नहीं कर सके।
उनका व्यावहारिक प्रभाव विशेष रूप से ओपनिंग सिद्धांत और रुख तथा प्यादों वाले एंडगेम में स्पष्ट है। एंडगेम बाजी का वह चरण है जिसमें अपेक्षाकृत कम मोहरे बचे रहते हैं। ऐसे एंडगेम में सक्रिय राजा और रुख, पास्ड प्यादे तथा अदला-बदली का सटीक समय अक्सर तत्काल आक्रमण से अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। छोटी बढ़त को सटीक चालों से जीत में बदलने के आदर्श उदाहरणों के रूप में रुबिनस्टीन की बाजियाँ आज भी पढ़ी जाती हैं।
स्रोत
- 1.Akiba Rubinstein, World Chess Hall of Fame & Galleries
