व्याख्या
अपील समिति आर्बिटर दल से अलग एक संस्था है, जो जाँचती है कि चुनौती दिए गए निर्णय में शतरंज के नियमों और टूर्नामेंट के विशेष विनियमों का पालन हुआ या नहीं। यह हर अनौपचारिक असहमति के लिए नहीं होती। पहले मुख्य आर्बिटर, अर्थात आर्बिटर दल का नेतृत्व करने वाले व्यक्ति, का निर्णय होना चाहिए और अपीलकर्ता उस विवाद से सीधे प्रभावित होना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ यानी FIDE की प्रक्रिया के अनुसार समिति में एक अध्यक्ष और दो सदस्य होते हैं। इसमें अधिमानतः एक उपाधिधारी खिलाड़ी और वैध लाइसेंस वाला इंटरनेशनल आर्बिटर शामिल होना चाहिए। हितों के कुछ टकराव सँभालने के लिए वैकल्पिक सदस्य भी नियुक्त किए जा सकते हैं, जैसे तब जब समिति का कोई सदस्य विवाद के किसी पक्ष के ही राष्ट्रीय महासंघ का प्रतिनिधित्व करता हो।
अपील कैसे दायर की जाती है
- खिलाड़ी, या टीम प्रतियोगिता में कप्तान, पहले मुख्य आर्बिटर का निर्णय प्राप्त करता है।
- अपील आयोजन की समय-सीमा के भीतर लिखित रूप में दी जाती है। FIDE की सामान्य प्रक्रिया में मानक शतरंज, अर्थात लंबे समय-नियंत्रण वाली बाज़ियों, के लिए समय-सीमा एक घंटा और कम समय वाले रैपिड या ब्लिट्ज़ प्रारूपों के लिए पंद्रह मिनट है।
- नियमों में बताई गई फीस चुकाई जाती है, जब तक आयोजन ने उसे माफ़ न किया हो। समिति बयान माँग सकती है और फिर लिखित निर्णय देती है।
समिति शतरंज के नियमों के गलत अनुप्रयोग, आयोजन के विनियमों के गलत अनुप्रयोग या खिलाड़ी के आचरण पर विचार कर सकती है। सटीक प्रक्रिया प्रत्येक प्रतियोगिता तय करती है, इसलिए खेल शुरू होने से पहले उसकी समय-सीमा, फीस, भाषा और अनुमत आधार जाँच लेने चाहिए।
प्रयोग और संदर्भ
उल्लिखित प्रक्रिया FIDE आयोगों के अंतर्गत कुछ प्रतियोगिताओं के लिए अनिवार्य है; अन्य आयोजन इसे पूर्ण या आंशिक रूप से अपना सकते हैं।
सामान्य भ्रम
अपील अनौपचारिक रूप से दूसरी राय माँगना नहीं है
यह सीधे प्रभावित व्यक्ति के लिए लिखित प्रक्रिया है, जिसकी समय-सीमा और सामान्यतः फीस होती है।
अपील समिति और अधिनिर्णय
समिति प्रशासनिक या आर्बिटर के निर्णय की समीक्षा करती है। अलग प्रक्रिया से अधूरी बाज़ी का परिणाम तय करता है।
शब्द देखें