व्याख्या
चंकिंग कई संबंधित तत्वों को एक अर्थपूर्ण इकाई के रूप में देखने की प्रक्रिया है। शुरुआती खिलाड़ी चार मोहरों को चार अलग तथ्यों की तरह याद रखने की कोशिश कर सकता है। अनुभवी खिलाड़ी किसी परिचित संरचना को पहचानकर उसकी मूल भूमिका सहित एक ही मानसिक इकाई के रूप में याद रख सकता है।
शतरंज में एक चंक में प्यादों की व्यवस्था, एक-दूसरे को सहारा देने वाले मोहरों का समूह या राजा के आसपास की सामान्य संरचना शामिल हो सकती है। इससे मदद मिलती है, क्योंकि कार्यशील स्मृति, यानी कुछ सेकंड तक जानकारी सक्रिय रखने की सीमित क्षमता, को हर मोहरे को अलग से संसाधित नहीं करना पड़ता। यह प्रभाव वास्तविक खेलों जैसे संबंधों वाली स्थितियों के में विशेष रूप से दिखाई देता है।
इसका अर्थ यह नहीं कि विशेषज्ञ पूरे बोर्ड की तस्वीर बिना प्रयास के खींच लेता है। चंक संचित अनुभव पर निर्भर होते हैं और अधूरे या भ्रामक हो सकते हैं। यादृच्छिक स्थितियों में परिचित संबंध न होने से लाभ घट जाता है। कोई जानी-पहचानी संरचना किसी विचार को बहुत जल्दी सक्रिय करके में भी योगदान दे सकती है, इसलिए तेज पहचान के बाद भी जांच जरूरी है।
चंकिंग और पैटर्न पहचान बिल्कुल समान नहीं हैं। पैटर्न पहचान किसी संरचना को पहचानने की क्रिया है। चंकिंग इस बात की संज्ञानात्मक व्याख्या है कि कई तत्वों को एक साथ कैसे कूटबद्ध और याद किया जा सकता है।
प्रयोग और संदर्भ
यह अवधारणा संज्ञानात्मक मनोविज्ञान से आती है और विशेषज्ञों की स्मृति व प्रत्यक्षण के कुछ हिस्सों को समझाने के लिए उपयोग होती है।
सामान्य भ्रम
खानों को एक-एक करके याद करना
चंकिंग अलग तथ्यों की सूची लंबी करना नहीं है। यह परिचित और अर्थपूर्ण संबंधों के जरिए कई मोहरों को एक इकाई में दर्शाता है।
स्रोत
- 1.Expert chess memory: revisiting the chunking hypothesis, U.S. National Library of Medicine
- 2.Recall of Briefly Presented Chess Positions and Its Relation to Chess Skill, PLOS ONE
