व्याख्या
स्थान-त्याग बलिदान अपने मोहरे को जानबूझकर देकर उसका खाना खाली करता है। इच्छित लाभ दिए गए मोहरे में नहीं, बल्कि उसी पक्ष के दूसरे मोहरे को उस खाने का उपयोग करने देने में है। बलिदान के बाद वज़ीर, हाथी, ऊँट, घोड़ा, राजा या प्यादा मुक्त बिंदु पर आकर वह धमकी चला सकता है जो पहले असंभव थी।
बलिदान को बचाना चाहिए, अर्थात प्रतिद्वंद्वी के बचाव करने से पहले आगे का क्रम चलाने का अवसर। इसलिए मोहरा अक्सर शह, यानी राजा पर सीधे आक्रमण, मार या दूसरी धमकी के साथ हटता है। कभी प्रतिद्वंद्वी को उसे मारना ही पड़ता है; अन्य बार उसका बच न पाना पर्याप्त है, क्योंकि मुख्य धमकी पहले ही अधिक जरूरी होती है।
यह खाना का विशेष रूप है। सामान्य निर्मुक्ति में मोहरा बिना खोए हट सकता है। यहाँ मोहरा देना विधि का अनिवार्य भाग है। यदि उसके हटने से स्तंभ, पंक्ति या विकर्ण भी खुले, तो चाल से भी जुड़ती है। लाभ ठोस होना चाहिए: राजा पर बिना वैध बचाव का अंतिम आक्रमण, प्यादे का अंतिम पंक्ति तक पहुँचकर दूसरे मोहरे में बदलना, अधिक मोहरों की प्राप्ति या स्पष्ट रूप से बलिदान को उचित ठहराने वाली स्थायी बढ़त।
सामान्य भ्रम
स्थान-त्याग बलिदान और निर्मुक्ति
हर स्थान-त्याग बलिदान निर्मुक्ति करता है, पर हर निर्मुक्ति में मोहरा नहीं दिया जाता। मोहरा सुरक्षित हट सके तो वह स्थान-त्याग बलिदान नहीं है।
शब्द देखेंस्रोत
- 1.Clearance Sacrifice - Chess Lessons, Chess.com
- 2.Sacrificio de evacuación - Lecciones de ajedrez, Chess.com
- 3.Glossary of chess, Wikipedia
