व्याख्या
वुडपेकर मेथड शह, मार और धमकियों के ठोस क्रमों पर केंद्रित टैक्टिकल प्रशिक्षण प्रोटोकॉल है। इसे Hans Tikkanen ने विकसित किया और Axel Smith के साथ प्रकाशित किया। विद्यार्थी स्थितियों का बड़ा लेकिन संभालने योग्य समूह चुनता है, पूरा समूह हल करता है और फिर ठीक उसी सामग्री पर कई बार दोबारा काम करता है। हर चक्र में सटीकता बनाए रखते हुए कुल समय घटाने का लक्ष्य होता है।
एक चक्र कैसे काम करता है
- हर स्थिति को वास्तविक गणना से हल करें, केवल परिचित दिखने वाली पहली चाल बताकर नहीं।
- पूरा समाधान जाँचें और समीक्षा करें कि वैकल्पिक चालें क्यों विफल होती हैं।
- शुरुआती आधार जानने के लिए गलतियाँ और समय दर्ज करें।
- कुछ अंतराल के बाद उसी समूह को दोहराएँ।
- सटीकता में बड़ी गिरावट स्वीकार किए बिना चक्र की अवधि धीरे-धीरे घटाएँ।
दोहराव का उद्देश्य बार-बार आने वाले पैटर्न, टैक्टिकल संकेत और सामान्य क्रमों को अधिक तेजी से याद कर पाना है। समाधान का कुछ हिस्सा याद होना अभ्यास को अमान्य नहीं करता: विद्यार्थी को फिर भी क्रम दोबारा बनाना और बचाव समझना चाहिए। गति अधिक कुशल पहचान का परिणाम है, अनुमान लगाने की अनुमति नहीं।
यह विधि हर प्रकार के अंतराल वाले दोहराव का पर्याय नहीं है। इसकी खासियत संकुचित चक्रों में एक निश्चित समूह का गहन पुनः उपयोग है। यह जैसे पाठ्यक्रम, बाजी विश्लेषण या बार-बार होने वाली गलतियों के सावधान अध्ययन का स्थान भी नहीं लेती।
सामान्य भ्रम
उत्तर याद करना
स्मृति मदद करती है, लेकिन विधि केवल पहली चाल बताने के बजाय क्रम को दोबारा बनाने और बचाव समझने की माँग करती है।
सामान्य अंतराल वाला दोहराव
अंतराल वाला दोहराव निश्चित अंतरालों के अनुसार समीक्षा तय करता है। वुडपेकर उसी समूह के गहन चक्रों और समय संकुचन का निर्देश देता है।
स्रोत
- 1.The Woodpecker Method, New In Chess
- 2.The Woodpecker Method: How to get the best of both worlds, ChessBase
